राजस्थान में निजी स्कूलों के लिए नए दिशा-निर्देश: यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने का दबाव नहीं

राजस्थान के निजी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने की घोषणा
राजस्थान सरकार ने राज्य के प्राइवेट स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी निजी स्कूल अगले 5 वर्षों तक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं कर सकेगा, और न ही छात्रों या अभिभावकों पर किसी विशेष दुकान से किताबें या ड्रेस खरीदने का दबाव डाला जाएगा।

प्रमुख बिंदु:
1. यूनिफॉर्म में बदलाव पर रोक
अब कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी यूनिफॉर्म में 5 वर्षों तक कोई बदलाव नहीं कर सकेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभिभावकों पर हर साल नई यूनिफॉर्म खरीदने का आर्थिक बोझ न पड़े।

2. किताबों की स्वतंत्र खरीदारी
स्कूल केवल अनुमोदित पाठ्यक्रम की किताबें ही उपयोग करेंगे।

किताबों की सूची (लेखक, प्रकाशक और मूल्य सहित) सत्र शुरू होने से कम से कम एक महीने पहले स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी।

अभिभावक बाजार से अपनी सुविधा अनुसार किताबें खरीद सकते हैं।

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3. ड्रेस, जूते, कॉपियां: अब कोई दबाव नहीं
अभिभावक ड्रेस, टाई, जूते, कॉपियां आदि किसी भी दुकान से खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। स्कूल किसी भी विशेष दुकान या परिसर में खरीददारी के लिए बाध्य नहीं कर सकते।

4. तीन विक्रेताओं से उपलब्धता अनिवार्य
स्कूल यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आवश्यक शिक्षण सामग्री कम से कम तीन अलग-अलग दुकानों पर उपलब्ध हो, जिससे छात्रों को विकल्प मिल सकें।

5. ब्रांडिंग पर रोक
किसी भी शिक्षण सामग्री (जैसे कॉपियां, किताबें आदि) पर स्कूल का नाम या लोगो नहीं छापा जाएगा, जिससे किसी विशेष विक्रेता की अनिवार्यता समाप्त हो।

क्यों आई ये गाइडलाइन?
पिछले कुछ समय से अभिभावकों की कई शिकायतें शिक्षा विभाग तक पहुंच रही थीं कि कुछ निजी स्कूल महंगी यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए, शिक्षा मंत्री ने यह ठोस कदम उठाया है ताकि शिक्षा प्रणाली पारदर्शी और अभिभावक-मित्र बन सके।

निष्कर्ष:
राजस्थान सरकार का यह कदम न केवल अभिभावकों की जेब पर बोझ कम करेगा, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में ईमानदारी और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगा। यह गाइडलाइन एक सकारात्मक पहल है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी।

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